Wednesday, December 30, 2009

प्रथम ग्रासे मक्षिका पातंम यानी श्री गुरूजी की अतृप्त अभिलाषा !



www.blogvani.comदोस्तों,
आज दिनाक 30-12-2009 को सुबह 10 बजकर 30 मिनट पर झारखंड की राजधानी रांची में श्री शिबू शोरेन ने मुख्य मंत्री पद की शपथ तब ली है जब एक स्थिर लग्न कुम्भ राशि उदित थी / ज्योतिषियों ने शिबू शोरेन के दुर्भाग्य को स्थिरता प्रदान करने की बड़ी खूबसूरत चाल चली है या यूं कहे पूरा जोर लगा दिया है परन्तु मै पहले से कहता आ रहा हूँ की पाराशर पद्धति के चंचल सिद्धांत जब खुद स्थिर नहीं तो दूसरो को क्या स्थिरता देंगे / रोहिणी नक्षत्र में जब सूर्य का अंतरा और पुनः चन्द्रमा का प्रत्यंतर चल रहा था तब शपथ ग्रहण हुआ जो ज्योतिषियों की दूसरी सशक्त चाल थी शिबू शोरेन के भाग्य को सौभाग्य में बदलने की/ परन्तु हाय रे शिबू शोरेन का दुर्भाग्य !
जो सन 1999 के बाद से जो रूठा कब मानने वाला था /
कुम्भ लग्न की इस शपथ ग्रहण कुंडली को राहू की कुदृष्टि लगी पड़ी है जो शिबू शोरेन के अंतिम अभिलाषा को मालूम होता है निगलने को तैयार बैठा है /  श्री शिबू शोरेन उर्फ़ गुरूजी अत्यंत अल्प समय के लिए ही अभी तीसरी बार भी मुख्य मंत्री रह पायेंगे / अपने जन्म से ही यह सरकार अल्प जीवी है ज्यादा समय नहीं लगेगा कोई विपदा आने में जो शिबू शोरेन की अभिलाषा पर तुषारापात करे गी और मरती हुयी भाजपा को भी ले मारे गी / दोनों के दुर्भाग्य और कांग्रेस के सौभाग्य ने ये गठजोड़ तैयार किया है / एक वर्ष और चार महीने से ज्यादा इस सरकार की आयु नहीं है /
श्री शिबू शोरेन के प्रथम ग्रास में मक्षिका पात हुआ हुआ ही जाने !
थैंक्स/                      

Friday, December 25, 2009

शुक्र है खुदा का की इन गोरी चमड़ी वालो को इतनी तो अक्ल आई !


www.blogvani.comदोस्तों ,
नेचर जर्नल नामक पत्रिका, जो अमेरिका में प्रकाशित होती है,ने अपनी रिपोर्ट में कबूल किया है की हमारी पृथ्वी बहूत अंदर तक,तक़रीबन 15 मिल अंदर तक, सूर्य और चन्द्रमा के गुरूत्वाकर्षण से प्रभावित होती है यानि इसी के प्रभाव वश भूकंपीय झटके आते है / हुआ दरअसल यह की अमेरिका के बर्कले स्थित यूनिवर्सिटी ऑफ़ कैलिफोर्निया के अर्थ एंड प्लानेट्री साईंस ने गहन अध्यन के बाद निष्कर्ष बताया की पिछले वर्ष सुमात्रा में आये  भूकंप के बाद जो  वाशिंगटन स्टेट के तटीय इलाको में भी जो झटके महसूस किये गए वो दूसरे ग्रहों से निकली तरंगो की वजह से थे /
अमेरिकी भूकंपीय विशेषज्ञों का कहना है की ग्रहों के गुरूत्वाकर्षण के फलस्वरूप पृथ्वी मिलो अंदर तक प्रभावित होती है यानी पृथ्वी के अंदर पिघलते मैग्मा पर प्रभाव पड़ता है और एक प्रतिक्रिया का क्रमवार सिलसिला चल पड़ता है जो भारी तबाही का सबब बनता है / इसका विस्तृत अध्ययन लॉस ईन्जिलास के पश्चिमोत्तर क्षेत्र के 170 मिल के इलाके में पिछले आठ सालो में आये करीब 2000  झटको के साथ जोड़ कर किया गया /
अन्य संदर्भ में एक अन्य सत्य जो अभी कुछ दिनों पहले उजागर हुआ और वो भी भारतीय वैज्ञानिकों द्वारा की चन्द्रमा पर जल का अस्तित्व है जिसे अमेरिका स्थित ''नासा'' ने भी कबूल लिया / उक्त खबर को टीवी चैनलों ने खासम-ख़ास तवज्जो दी थी / भारत अपनी खोज की पुष्टि नासा द्वारा किये जाने पर फूला नहीं समाया था और वास्तव में है भी यह गौरब की बात, परन्तु मै आज तक न्याय नहीं दे पाया  इस खोज को क्यों की भारतीय ज्योतिष अपने प्रारम्भ से ही कहता आ रहा है की चन्द्रमा एक जलतत्व प्रधान ग्रह है परन्तु अब जब गोरी चमड़ी ने कबूल लिया तो हम फूले नहीं समा रहे /
ज्योतिष ने बहूत पहले कहा की ग्रहों की गुरूत्वाकर्षण शक्ति पृथ्वी में भूकंपन पैदा करती और यही वजह है की जब सूर्य या चन्द्र ग्रहण होता है उसके बाद दो या तिन महीनो में भूकंप जरूर आता है आप चाहे जैसे मर्जी हो इस तथ्य को जांच ले यह सत्य साबित होगा /
शुक्र है खुदा का की इन गोरी चमड़ी वालो को  इतनी तो अक्ल आई की कम से कम उन्हों ने भारतीय लोगो को खुद के घर में रखी मुर्गी को दाल बराबर नहीं समझने पर विवस कर दिया है / थैंक्स/    

Sunday, December 20, 2009

आज वो समय है जब मै चुप क्यों बैठू !

www.blogvani.comदोस्तों ,
और अंत पन्त  लाल कृष्ण आडवाणी को विपक्ष के नेता पद से टाटा-बाय बाय कहना पड़ ही गया और इस प्रकार अटल- आडवाणी युग का समापन हो गया , निश्चय ही यह खबर दो दिन पुरानी है परन्तु जो एक नयी बात है वो यह की आज से कोई चार महीने पूर्व मैंने अपने इसी ब्लॉग में 28 अगस्त शुक्रवार 2009 को ''लाल कृष्ण आडवाणी ने दिलाई ज्योतिष को जित ''  नामक शीर्षक से एक लेख पोस्ट किया था की श्री आडवाणी को इस्तीफा देना पडेगा और पार्टी में उन्हें परामर्शदाता पद दिया जाए गा / मेरी उक्त भविष्य वाणी बिलकुल ठीक निकली / वास्तव में यह भविष्य वाणी तो मैंने अगस्त से भी पहले की थी जब लोक सभा के चुनाव होने वाले थे/ 14 जून 2009 को ''muddle over the future of B J P ''  नामक शीर्षक से पोस्ट किया था इसी ब्लॉग में , जिसमे विस्तृत तौर पर बी जे पि की कुंडली पर विचार लिखे थे और स्पस्ट शब्दों में बताया था की सन 2009 के लोकसभा चुनाव में हार के बाद पार्टी में घमासान मच जाए गा और श्री लाल कृष्ण आडवाणी को बाहर का रास्ता दिखा दिया जाएगा /
दूसरा पूरक लेख मैंने 28 अगस्त 2009 को पोस्ट किया जिसमे लाल कृष्णा आडवाणी की कुंडली का विश्लेषण प्रस्तुत किया था की उन्हें शनि की महा दशा लग चुकी है और लग्न भाव में बैठा शनि'' मारक'' है लिहाजा वो अब लम्बे समय तक महत्त्व के पद पर नहीं बने रह सकते साथ ही उनके स्वास्थ की भी चिंता जताई थी जो की आईंदा देश के लिए चिंता का वायस बने गा /
दोस्तों , यह लेख लिखने का मेरा मकसद यह है की आज के समय में जब जंहा हर दूसरा व्यक्ति ज्योतिष की और संदेह क्या माखौल भरी अंगुली उठाता है और हिकारत भरी नजर से देखता है तो आज वो समय है जब मै चुप क्यों बैठू / यह मै स्पस्ट करना चाहूंगा की मुझे ना धन की और ना ही यश की चाहत है बल्कि ज्योतिष पर सवाल उठाने वालो से यह पूछू की अब वो क्या कहते है /
मै अपने दोस्तों से सरल और विनम्र शब्दों में कहना चाहूंगा की मेरे किसी भी प्रयास को वो दंभ की अतिशयोक्ति ना समझ कर एक ईमानदार कोशिश माने जो सचमुच ज्योतिष को प्रतिष्ठा दिलाना चाहता है / थैंक्स/



Friday, December 11, 2009

टाईगर वुड ; समस्याए अभी और भी है !


दोस्तों, 
आज से कोई दो दिन पूर्व विश्व के मशहूर गोल्फ खिलाड़ी टाईगर वुड के बाबत मैंने अपने अंग्रेजी भाषा के ब्लॉग www.shashibhushantamare-kpsystem.blogspot.com पर एक विस्तृत लेख लिखा था जिसमे उनके भविष्य के बाबत ज्योतिषीय विचार लिखे थे और इसी संदर्भ में टाईगर वुड के दाम्पत्य जीवन में अलगाव की भविष्य वाणी भी की थी, इसी बिच आज दिनांक 12 -12 -2009  को यह खबर आगई है की टाईगर वुड की पत्नी इलिन नोरदेगरेन ने टाईगर वुड को स्पष्ट शब्दों में कहा है की या तो गोल्फ या परिवार दोनों में से किसी एक को चुन लो, जवाब में टाईगर ने अनिश्चित काल के लिए गोल्फ से किनारा कर लिया है जब की मैंने अपने ब्लॉग [अंग्रेजी] में स्पष्ट शब्दों में लिखा है की दोनों के बिच तलाक होना निश्चित है जो आगामी एक वर्ष में हो जाये गा /
पुनश्च, आगे मै वो तमाम बांते हिंदी में लिख रहा हूँ जो पीछे मैंने अंगेजी में तो पोस्ट करदी थी परन्तु व्यस्तता के कारण हिंदी में पोस्ट नहीं कर पाया था /
पीछे एक कॉकटेल वेट्रेस रिचेल उचिटेल ने टाईगर वुड पर यह आरोप लगाया की उससे उसके जिस्मानी ताल्लुकात पिछले 31 महीनो से चल रहे थे और उन दोनों ने आस्ट्रेलिया में जाकर जसन मचाया था, वेट्रेस उचिटेल के अलावे अब तक दसयो लड़कियां मीडिया के सामने जिस्मानी ताल्लुकात की बात कबूल चुकी है /
विश्व का यह अमेरिकन अरबपति गोल्फर गोल्फ के खेल में जादुई महारथ रखता है / टाईगर वुड अनेक बार विश्व विजेता भी रह चुका है / सिंगल और टीम फोर्मेट में भी अद्वितीय सफलताए प्राप्त कर चुके है टाईगर वुड / विश्व के 61 वर्ष के इतिहास में टाईगर वुड की सफलताए सर्वोच्च है , उनके जितना सफल गोल्फ खिलाड़ी आईंदा भविष्य में होता नहीं दिखता, यदि व्योरा लिखा जाये तो पूरी किताब तैयार हो जाये गी / परन्तु पिछले कुछ महीनो से वुड के साथ कुछ भी अच्छा नहीं हो रहा / आईये इसकी ज्योतिषीय जांच करे /
अमेरिका के लॉन्गबिच नामक स्थान पर 30 दिसंबर 1975 को कर्क लग्न में टाईगर वुड का जन्म हुआ / वर्त्तमान में सूर्य की महा दशा चल रही है जो सन 2012 तक चले गी / कृष्ण मूर्ति पद्धति अनुसार सूर्य शुक्र और बुद्ध का प्रतिनिधि है जो भाव पांच और सात के स्वामी है / शुक्र स्त्री और सेक्स का सिम्बल है जबकि बुद्ध बहुतायत का और तीनो का गठजोड़ मंगल से होजाने से विकृति प्रकट हुयी / ग्राहांतर भी अगले वर्ष तक ठीक  नहीं / लिहाजा सन 2010 टाईगर के लिए भारी मुसीबतों भरा है / उनके दाम्पत्य जीवन में अलगाव सुनिश्चित है / भारी आर्थिक हानि उठानी पड़े गी / छवि धूमिल होगी सो अलग / शारीरिक पीड़ा के योग भी बनते है लिहाजा टाईगर को सयंम और धैर्य का आसरा लेना ठीक रहे गा / थैंक्स/
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Tuesday, December 8, 2009

www.blogvani.comदोस्तों,



सोनिया गाँधी ! तुम जियो हजारो साल , साल के दिन हो हजारो साल !आज कांग्रेस अध्यक्षा श्रीमति सोनिया गाँधी का 64 वां जन्म दिन है /
मै ईश्वर से उनकी लम्बी उम्र और उत्तम स्वास्थय की कामना करता हूँ , यह वीरांगना हम भारतीयों के लिए सर्वोच्च सम्मान की अधिकारी है / एक ऐसे देश में पैदा हो कर भी जंहा भारतीय संस्कृति को पहचानने वाला कोई ना हो उस जगह से आकर एक भारतीय परम्परागत बहू के उदाहरण के रूप में स्थापित हो जाना कतई सुगम कार्य नहीं है / श्रीमती सोनिया गाँधी ने गाँधी परिवार की ख्याति को नित नए सोपान दिए और बिलाशक आगे भी देती रहेंगी / एक माँ , एक बहू , एक कुशल संगठन संयोजिता,और ना जाने क्या क्या सोनिया गाँधी हर दृष्टि से सम्मान दिए जाने योग्य है / अनेक अग्नि परीक्षाओ को सहज ही पार कर जाने वाली यह सबला नारी सत्ता को जिस सहज भाव से ठोकर मार चुकी है वो पुरूषों के लिए भी सहज नहीं /
अत्यंत धीर गंभीर और मितभाषी सोनिया गाँधी का जन्म कन्या लग्न में ०9 दिसंबर 1946
को लुसियाना इटली में हुआ है / वर्तमान में केतु महा दशा में चन्द्रमा का अन्तर चल रहा है / यह महा दशा 2015 तक चले गी / तीसरे घर का केतु बुद्ध के नक्षत्र में होकर राजयोग भंग कारी है / यानि वो आजीवन प्रधान मंत्री नहीं बन सकती / केतु का सम्बन्ध मंगल से है लिहाजा वे प्रधान मंत्री की पत्नी या माँ तो हो गी परन्तु स्वयं प्रधान मंत्री नहीं होंगी /
ज्योतिषीय गणना अनुसार वर्ष 2010 श्रीमती सोनिया गाँधी के लिए उत्तम नहीं है / इस वर्ष उनका शत्रु पक्ष प्रबल रहे गा / उनके प्रबंधन क्षमता की अग्नि परीक्षा होगी जिसमे वो अधिक कार्यकुशल साबित नहीं होंगी क्यों की ग्रह संयोग उनके खिलाफ है लिहाजा उनकी लोकप्रियता में कमी दर्ज की जाएगी / सोनिया गाँधी को चाहिए वे यत्न पूर्वक समय की गति पहचाने और निर्णय ले / बिना शक यह वर्ष उनकी आलोचनाओ का वर्ष साबित होगा / ग्रह शान्ति अपेक्षित है / थैंक्स/

Tuesday, December 1, 2009

हाय शादी का संग करू !


दोस्तों!
हम जिस किसी भी समाज में हो उसकी बदलती तासीर हमारे जीवन पर बे-हिसाब असर डालती है / हम लाख कोशिशो की बावजूद उस के असर से अलहद नहीं रह सकते / आज हमारे आपके घरो में एसे शादी लायक लड़के / लडकियों की काफी अच्छी तादाद मिलजाए गी जो रिश्तो के लिए भटक रहे है मगर रिश्ते दरवाजे तक नहीं आते/ वजह चाहे जो हो रिश्ते नहीं होने की/ पर हर समाज में कुंवारो की भारी फौज जमा हो रखी है , वो मारवाड़ी, पंजाबी, मराठी या जिस किसी समाज की बात हो हर जगह ये ही हाल है / मै ज्योतिषी हूँ और दिल्ली जैसे शहर में हूँ जंहा सभी समुदाय के लोगबाग है, मिलते है तो जो कॉमन मसला है वो कुंवारे बच्चो का है जो शादी की उम्र ना जाने कब पार कर चुके है / यह एक गंभीर मसला है जो दिनानुदिन भयावह शक्ल अख्तियार कर रहा है /  मै वजहों की चर्चा नहीं करना चाहता क्यों की उन्हें सुधारना मेरी उरमा या कूबत से बाहर है परन्तु इतना तो जरूर कहूंगा की इसकी मुख्य बाजूहात वो कुरीतियाँ  और लालसा है जो समाज के तानेबाने को तहसनहस कर रही है /
खैर, एक सरल और सहज समझा जा सकने वाला उद्धरण राहुल गांधी का लेले जो हर नजरिये से सुयोग्य वर कहे जायेंगे, मै समझता हूँ वो जिस किसी परिवार में विवाह की इक्छा जतावें तो निश्चय ही वधु पक्ष सहर्ष स्वीकार लेगा, मगर हाय रे विधाता उस लाखो के प्यारे कुंवारे की घुड चढ़ी नहीं हो पा रही/ इसके पीछे क्या वजूहात है और उस जैसा वर क्यों कर कुंवारा डोल रहा है /

मसला वो नहीं जो दिखता है / मै ज्योतिषी हूँ लिहाजा मै ज्योतिष की बात करूंगा / मै नौ ग्रहों की बात करूंगा / कृष्ण मूर्ति पद्धति मांगलिक दोष ; पाप ग्रह की सप्तम पर दृष्टि , या अन्य दूसरे पाराशर पद्धति द्वारा बखान किये सैकड़ों योगो को पुरजोर खारिज करती है / केपी पराशर के चंचल सिद्धांतो को ''गए थे हरी भजन को ओटन लगे कपास'' से अधिक कुछ नहीं मानता/ शेष फिर , थैंक्स /                                                                                                                       www.blogvani.com

Sunday, November 22, 2009

साईं बाबा उर्फ़ राजू उर्फ़ सत्यनारायण रत्नाकर , शरणम् गच्छामि !


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दोस्तों 
23 -नवम्बर वो तारीख है जब श्री सत्य साईं का जन्म हुआ था /
आज से 83 वर्ष पूरब पुत्तापाथी [   puttapathy  ]में सत्य साईं का प्रगटन एक बड़े समुदाय के लिए काफी मायने रखता है जिनकी श्रधा और विशवास साईं में है उनके लिए यह जन्मोत्सव किसी भी तरह बड़े त्यौहार से कम नहीं बल्कि बढ़कर है /
साईं को लेकर अनेक मर्तवा तरह तरह से आपतियां उठती रही है / देश की प्रतिष्ठित पत्रिका'' इंडिया टुडे '' ने वर्षो पहले, जब केंद्र में नर्सिघ राव सरकार थी, बाबा को लेकर बड़ा हो-हल्ला मचाया था / बाबा के चमत्कारी कारनामो को ''एक हाँथ की सफाई '' साबित करने में कोई कसर बांकी नहीं छोड़ी थी / जो गंभीर आरोप इस प्रतिष्ठित पत्रिका ने लगाए थे वो बाबा के सैम्लिंगिक संबंधो को लेकर थे जो की उनके अपने भक्तो से बताये गए थे / बाबा से खार खाए भक्तो ने एकजुट हो कर एक वेबसाईट तक लोंच कर दी थी , जिस पर वो भक्त दुसरे लोगो को अपनी आपबीती सुनाकर सावधान करते आ रहे है जिसमे औरत और पुरूष दोनों सामिल है /
खैर बाबा का जन्म वृश्चिक लग्न में और मिथुन राशी में हुआ है / बाबा की कुंडली अनुसार अभी सूर्य महादशा में शनि का अन्तर चल रहा है जो 2010 के अक्टूबर तक चले गी /  बाबा का सूर्य और शनि दोनों लग्न में अत्यंत रूष्ट अवस्था में बैठे है / यह अंतर दशा ठीक नहीं / परन्तु साथ बैठा शुक्र अत्यंत बलवान और राजयोग कारी है / परन्तु आयन्दा लगभग एक वर्ष बाबा के लिए उत्तम नहीं है /  आयन्दा एक वर्ष बाबा गहन चर्चो में पड़ सकते है  अतः सचेष्ट रहना उत्तम रहेगा /
जय साईं नाथ !
  

Saturday, November 21, 2009

बार बार मर कर जी उठने वाला एक फिल्म अभिनेता !


                                     दोस्तों,
www.blogvani.comईडी मर्फी होलिवूड में एक एसे अभिनेता है जो जी जी के मरते है , चालू वर्ष 2009 में भी दो बार उनके मरने की अफवाह उडी और दोनों बार ही वो ज़िंदा पाए गए बल्कि मजे से फिल्मो में नित नयी सफलताए अर्जित करते मिले /  ईडी मर्फी जीतनी महारथ अभिनय में रखते है उससे कही अधिक वो गायकी , और उससे भी ज्यादा निर्देशन में अपनी प्रतिभा दुनिया को दिखाते आये है / उन्हें ब्रेभरी हिल कोप और नोटी प्रोफ़ेसर  के लिए गोल्डेन ग्लोब अवार्ड मिल्चुका है / बेस्ट कॉमेडियन और बेस्ट सपोटिंग एक्टर के कई अवार्ड वो पा चुके है /
उनकी अनेक सफलतम फिल्मो में एडवेंचर ऑफ़ प्लूटो, कमिंग तू अमेरिका, नोटी प्रोफ़ेसर और शेरेक सीरिज की अनेक फिल्मे यादगार है /
ईडी मर्फी का जन्म न्यू यार्क शहर में 1961 में कर्क लग्न में हुआ / गुरु ग्रह नीच राशी में शनि के साथ है / तुला राशि के जातक ईडी मर्फी का सूर्य नवम भाव में अत्यंत बलवान है / अभी बुद्ध की महादशा चल रही है /
निकोल मिचल से ईडी मर्फी ने 18 -मार्च 1993 मे शादी हुई और 17 अप्रेल 2006 मे दोनों में तलाक होगया /  ईडी मर्फी मांगलिक दोष वाले जातक है , गुरु अच्छा नहीं लिहाजा पत्नी पक्ष संतोष दायक नहीं / कुंडली में सेक्स मसलो को लेकर  ईडी मर्फी को सावधान रहना चाहिए यह उनका नाजुक पहलू है / सेक्स को लेकर उनकी उलझने अभी आगे और आएँगी /
अभी आयन्दा ईडी मर्फी का ग्रह योग उत्तम है सन 2012 तक / इस दरम्यान उनकी तीन फिल्मे 2011 तक रिलीज होनी है / जिनके नाम इमेजिन दैट, ए थाउजंड वर्ड , और शेरेक फॉरएवर आफ्टर है / ग्रह योग अनुसार यदि यह तीनो फिल्मे 2012 के पहले रिलीज होती है तो निः संदेह  ईडी मर्फी फिर से सफलता के नए झंडे गाड सकेंगे इसमे संदेह नहीं / थैंक्स/



Thursday, November 12, 2009

ज्योतिष में ''आफ्टर मैथ'' का महत्त्व

दोस्तों,

आज  के दौर में ज्योतिष सन्दर्भ में नित नए प्रयोग किये जाते है अब एक उदाहरण यह भी है की भारत ही क्यों विश्व में कही भी कोई प्राकृतिक या गैर प्राकृतिक विपदा घटित हो जाये तो कुम्भ करनी नींद में सोया पड़ा ज्योतिष समुदाय एक दम से जग उठता है और उस विपदा की ग्रह स्थैतिक विश्लेषण लेकर उधम मचानी शुरू कर देता है और दावे यह पेश किये जाते है की उक्त घटना तो अवशम्भावी थी क्यों की ग्रह योग उक्त इशारा देते आ रहे थे / निसंदेह इस किस्म की आफ्टर मैथ ग्रहों द्वारा अपनाई गयी विशेष ग्रह प्रणाली को समझ पाने के लिए किसी ज्योतषी की व्यक्तिगत सूझबूझ बढ़ने में खूब फायदाबख्श हो सकते है परन्तु आमोखाश को इससे क्या मिला यह स्पस्ट नहीं हो ता , जनता तो यह जान कर ही संतुस्ट होती है की अमुक दुर्घटना अमुक तारीख को होगी और वह सचेत रहे /   मेरी समझ में ''आफ्टर मैथ'' [बाद का लेखाजोखा ] यूं भी बेकार है क्यों की जिस ग्रह स्थिति में एक दफा कोई घटना घटित होजाए उस फार्मूले पर दूसरी दफा भी घटना घटित होजयेगी यह सोचना ज्योतिषीय भूल साबित होगी क्योकि ज्योतिष में कोई एसा स्थापित साँचा नहीं है की अमुक ग्रह स्थिति आने पर भूकंप ही आयेगा यदि एसा होता तो ज्योतिष की पुँछ पकड़कर कोई भी ऐरा गेरा नथू खैरा भी दो में दो जोड़ कर परम ज्योतिषी बन गया होता / मैंने व्यक्तिगत अनुभव में पाया की जिस ग्रह सेटअप में कोई धनकुबेर बना तो वैसी ही दुसरे सेटअप में दूसरा बन्दा भीख मांगता मिला, अब यहाँ आप यह सवाल उठा सकते है की यदि मेरी बात सच्च है तो भृगु संहिता या अन्य दूसरी संहितओं में जो फलाफल लोगो को सच्च में मिल जाता है वो फिर कैसे क्या ग्रहों का सेटअप नहीं है मै यह कहना चाहता हूँ की जो पराशर पद्धति सहारा लेकर ''आफ्टर मैथ '' बयान किया जाता है और भृगु जैसी संहिता जो तथ्य सामने रखती है दोनों में जमीं और आश्मान जैसा फर्क है -भृगु संहिता नाडियों पर अपनी गणना प्रस्तुत करती है जब की पराशर पद्धति विशुद्ध ग्रह की स्थूल गणना पर चलती है यही पराशर जन्हा नंगी आँखों से आकाश ताकता है वन्ही भृगु संहिताये थोड़े आगे बढ़ कर दूरबीन से सितारों को देख कर अपने फलाफल बयान करता है परन्तु है दोनों ही अपूरण / वस्तुतः प्रकृति जो कोई घटना जिस किसी ग्रह स्थिति में एक बार घटित कर देती है वो ग्रह स्थिति वापस नहीं आती यही वजह है की नित नयी ग्रह स्थिति अनेक मगर एक ही वायु यान दुर्घटना के लिए लागू हो जाती है यानि रिजल्ट तो रेल दुर्घटना है मगर प्रत्येक दुर्घटना अलग अलग ग्रह स्थिति में होती है यही वजह है की ज्योतिषी भूल कर बैठता है वो कहता है वायुयान दुर्घटना होगी जब की उस समय पर कोई वायुयान कंपनी अपना फायदा दुनिया को गिना रही होती है / यानि प्रकृति किसी वायुयान दुर्घटना के लिए किसी एक ही किस्म की ग्रह स्थिति की मुहताज नहीं है उसके काम कराने का तरिका बदलता रहता है लिहाजा ज्योतिषी जो प्रश्न का जवाब रट कर रखता है वो प्रश्न पूछा ही नहीं जाता अस्तु'' आफ्टर मैथ '' बेकार है / शेष फिर / थैंक्स/

Tuesday, November 10, 2009

झूठा ज्योतिषी और फिल्म स्टार राज बब्बर


दोस्तों,
और आज वो दिन आ ही गया जिसकी आस लम्बे समय से ''ना-मालूम'' लोग कर रहे होंगे / पीछे जेनुअरी 2009 से मैंने ब्लोगिंग शुरू की थी और आज ग्यारह महीने हो गए / इस दरम्यान मैंने अनेक भविष्यवानिया दी जो गुरुदेव स्वर्गीय दंडी स्वामी जी के सप्रेम आशीर्वाद और दुनिया के सर्वोत्कृष्ठ प्रचंड ज्योतिषी श्री कृष्ण मूर्ति जी की असीम अनुकम्पा से लगातार सच्च उतरती रही /
इसके प्रतिउत्तर में मै इन दोनों विभूतियों का अपने ऊपर अनेक जन्मो तक का आभार मानते हुए सादर नमन करता हूँ /
परन्तु गत दिवस मैंने फिरोजाबाद से समाजवादी पार्टी की उम्मीदवार डिम्पल यादव की जित और कांग्रेस उम्मीदवार फिल्मस्टार राज बब्बर की चुनावी हार की भविष्य वाणी की थी जो झूठ साबित हुई इस का मुझे भारी खेद है , मै तहे दिल से शर्मिन्दा हूँ और अपनी हार कबूलता हूँ सार्वजनिक रूप से / भविष्य वाणी झूठ साबित होने से मै आहात हूँ परन्तु मै आप कृपालू पाठको को साक्षी मान कर उद्धत हुआ हूँ की इस पत्थर को मिल का पत्थर में तब्द्दिल करने में अपनी तरफ से कोई कसर बांकी नहीं छोडू गा /
यह पद्धति की कमी नहीं मेरी खुद की कम-अकली का नतीजा है , निश्चय ही मैंने विकट भूल की है जिसका यह दुष्परिणाम सामने आया है / मै भविष्य में पूरा ख्याल रखूंगा की फिर एसी भूल ना हो / थैंक्स/ 

Monday, November 9, 2009

पंकज व्यास रतलाम वाले के नाम खुला ख़त !

प्रिय पंकज जी,
बड़ा अफ़सोस रहा की आपका ब्लॉग कैसे मेरी नजरो से अछूता रहा, खैर देर आये दुरूस्त आये/
यद्धपि यह देर बड़ी महँगी पड़ रही है मुझे क्योकि जो प्रश्न प्रवीन जाखड जी ने अपने ब्लॉग से संगीता पूरी के बहाने उठाये थे उसका दूसरा सूत्र तो आपने थामा हुआ था और जो मै पढ़ नहीं पाया , खैर अबतो जो होचुका सो हो चुका जाखड जी के सात यक्ष प्रश्नों का मैंने उत्तर लिख दिया था  उम्मीद है आपने पढ़ा होगा/
वर्तमान सन्दर्भ में , मै आपके कई बातो से सहमत हूँ और कई से नहीं मसलन मै समझता हूँ की समय चाहे आज का हो या पुराना ज्योतिषी कोई एक दो ही एसे होते थे जिन्हें राजा का आश्रय प्राप्त होता था बांकियो को तब भी धक्के खाने पड़ते थे जो उच्च कोटि के होते थे वो राजाश्रय पाते थे नाकि सभी / संघर्ष पहले भी था आज भी है और संघर्ष ना हो तो सोने को निखारा नहीं जा सकता / संघर्ष के बिना वास्तविक ज्योतिष बिद्या प्रकट ही नहीं हो सकती अतः जिस किसी  संगीता पूरी में दम हो वो प्रवीन जाखड जैसे संदेहों का मुहतोड़ जवाब दे या फिर अपने घर बैठे और गोलगोल जवाब दे कर अपने जैसे गोलगोल ब्लोगरो का जी बहलाए / यदि कोई ज्योतिषी लोगो को बेवकूफ बना रहा है तो इसमे ज्योतिषी का कसूर कम और लोगो का कसूर ज्यादा है क्यों कोई आदमी  बेकार वस्तु खरीद कर अपने घर लेजाता है क्या प्रभु ने नेत्रा नहीं दिए है जो वस्तु को परख कर खरीद नहीं सकते / मुझे पढ़े लिखे भतेरे डॉक्टर मिले जो आधुनिक अंग्रेजी भाषा बोल कर लोगो से दैत्यों की तरह धन लूट लेते है मै खुद जीवन में चार बार उनका शिकार बन चुका हूँ तो उन पढ़े लिखे आधुनिक विज्ञानिक दृष्टि कोण वालो को कोई कुछ नहीं कहता, हाँ!  यह जरूर बाते होती है पीठ पीछे की वो फलना डॉक्टर एकदम डाकू है /
दूसरी बात जिससे मै आपसे इतेफाक नहीं रखता वो यह है की ज्योतिष कोई विज्ञान नहीं है !
ज्योतिष परालौकिक गुयः विद्या है विज्ञान नहीं, इसे स्वयं भगवान सूर्य ने याग्यवाल्या को दिया और फिर अनेक ऋषियों से होता हुआ आज हम तक पहुंचा है / यह विद्या सृष्टी के फंक्शन को ब्यान करती है की वो किस प्रकार कार्य कर रही है यानी कौन सा पिंड किस तेजी से घूम कर क्या घटित कर रहा है , सुक्षम से सूक्षम वस्तु ईस्वर की रचना से ग्रहों के माध्यम से बाहर नहीं है और इस गुय्ह विद्या को विज्ञान जैसी बकवास दृष्टी से नहीं समझा जा सकता , विज्ञान भौतिक पदार्थ का अध्यन करता है वो भौतिक यान भेज कर ग्रह पिंड के दर्शन कर सकता है परन्तु ज्योतिष जिस चतुर्भुज कमलासन विराजमान एक पहिये वाले रथ पर सवार सूर्य देव को बयान करता आ रहा है उसे विज्ञान नहीं देख सकता जो सृष्टी के आधार है / गणितीय सांख्यकी तो गणना को साधे रखने के लिए ज्योतिष की बाहरी भेष भूषा है उसके बहकावे में उसे विज्ञान मान्लेने की भूल ना करे, ज्योतिष को किसी अनुसंधान की भी जरूरत नहीं है क्योकि यही एक मात्र वह विद्या है जिसे किसी अनुसन्धान की जरूरत नहीं बल्कि उस बन्दे की जरूरत है जो एस सूक्षम विद्या को ''धारण'' करने की योग्यता रखता हो यानी यह विद्या जब सूर्य देव ने याज्ञवल्य ऋषि को बतायी तब जीतनी थी अब भी उतनी ही है ना घटी है ना ही बढ़ी है और ना ही बढे गी और ना ही किसी विश्व विद्यालय में पढ़ये जाने की विद्या है क्यों की पराशर जैसे ऋषि को पहले ही समझ हो गयी थी की कलयुग में ज्योतिष के नाम पर छल होगा लिहाजा सात तालो में बंद करके गए है जनाब जो काठ के उलूऊ के हाँथ आने वाली नहीं है यह विद्या जो सुशिल दीक्षित होगा ज्योतिष उसके दरवाजे खुद चल कर जाए गी / थैंक्स/www.Pankaj Vyas, Ratlam.blogspot.com

Sunday, November 8, 2009

ज्योतिष का वास्तविक ज्ञान पुस्तकों में नहीं है ! नहीं है ! नहीं है !

दोस्तों,
और अंतपन्त भारत के क्रिकेट टीम के '' रन बाँकुरे '' वो सीरिज हार गए जिसके जित की कामना हम सभी कर रहे थे परन्तु ग्रहों की इच्छा अनुसार ही निर्णय निकला / सात मैचो की भारत और ऑस्ट्रेलिया सीरिज प्रारंभ होने के पहले ही मैंने यह दो टूक शब्दों में भविष्यवाणी कर दी थी की भारत सीरिज हार जायेगा / मैचो के बारे में इतनी स्पस्ट भविष्य वाणी मै दो वाहिद कारणों से निरंतर कर रहा हूँ , पहला कारन तो यह है की मै यह साबित करना चाहता हूँ की ज्योतिष कोई लुप्त हो गयी विद्या नहीं है बल्कि यह आज भी भले लोगो के पास सुरक्षित है जो इसका दुरूपयोग नहीं करते , ज्योतिष का वास्तविक ज्ञान पुस्तकों में नहीं है नहीं है नहीं है / यह केवल गुरु कृपा से ही पाया जा सकता है / जो नामुमकिन नहीं परन्तु दुरूह जरूर है /
ज्योतिष छेत्र में चोर, उठायिगिरो, लालची , दम्भी , धन लोलुप और ना जाने किन किन चरित्रों वाले लोगो का खूब प्रवेश हो चुका है , जो कुछ नहीं जानते वो पूजे जा रहे है उनके पीछे लोग बाग़ लाइन लगाये खड़े है / यह प्रभु इच्छा है इससे अधिक क्या कहू /
दूसरा कारण यह है की ज्योतिष की धूमिल होती छवि स्वक्ष रहे यह भी इच्छा है मेरी / यधपि मै तो अदना सा प्यादा भर हूँ और किस हैसियत से यह दावा करू की '' मै '' इस ध्येय को पूरा कर सकता हूँ / मैचो की सफल भविष्यवाणी के पीछे मेरी १३ वर्षो की गहन श्रम लगी है कोई एक दिन या एक घंटे का आधा अधुरा प्रयास नहीं साथ ही मै गुरु देव डंडी स्वामी और केपी सिस्टम के रचैता श्री मन कृष्ण मूर्ति को श्रय दूंगा की उन्होंने मुझे माध्यम के रूप में चुना / थैंक्स.

Friday, November 6, 2009

राज बब्बर चुनाव हार जायेंगे !



दोस्तों,
एक चुनावी [ज्योतिषीय ] विश्लेषण लेकर  फिर से आपकी सेवा में हाजिर हूँ/
फिरोजाबाद में एक लोकसभा उप चुनाव को लेकर तीन और  शायद उससे भी ज्यादा उम्मीदवारों के बिच धमासान युद्घ मचा हुआ है और जो उल्लेखनीय उम्मीदवार है वो दो ही माने जा रहे है / पहला उम्मीदवार फिल्म अभिनेता राज बब्बर ईंशाफ़ का तराजू फेम वाले है जो कांग्रेस की टिकट पर चुनाव मैदान में है जब की समाजवादी पार्टी की उम्मीदवार श्रीमती डिम्पल यादव है जो सुप्रसिद्ध नेता मुलायम सिंह की पुत्रवधु है , चुनाव लड़ रही है /
राज बब्बर के पक्ष में राहुल गाँधी , गोविंदा और सलमान खान ने अपनी सारी ताकत झोक दी है / ये सभी उन्हें जीतते हुए देखना चाहते है / जब की डिम्पल यादव के लिए मुलायम सिंह , संजय दत्त , जया बच्चन और जयाप्रदा आदि ने अपना जोर लगा रखा है /
वर्तमान समय में कांग्रेस के सितारे और ग्रह बुलंदी पर चल रहे है , कांग्रेस ने पीछे तीन राज्यों में सफलता के झंडे गाढ दिए जब की समाज वादी पार्टी को पिछले लोकसभा चुनाव में मुंह की खानी पड़ी थी उसकी सीटें आधी रह गयी थी यानि सितारे विपरीत थे जब की इस चुनाव में कांग्रेस के सितारे गर्दिश में है और मुलायम सिंह की पुत्र बधू स्पस्ट चुनाव जीतती दिखती है /
अर्थात राज बब्बर चुनाव हार जायेंगे क्योकि उनकी जन्म कुंडली अनुसार बुध की महादशा उत्तम नहीं अभी उनका लोकसभा में पहुँच पाना मुमकिन नहीं है / थैंक्स/        

Wednesday, November 4, 2009

''मिस्टर नॉर्मन'' स्वास्थ को लेकर सावधान जरूर रहे !


दोस्तों,
विलेम डफोई आज किसी  परिचय के मोहताज नहीं है / अमेरिका में ही नहीं सारे विश्व में बड़ी शिद्दत से जाने जाते है खास कर स्पीड और उसके बाद स्पीड-2 और तब और भी ज्यादा जब स्पाईडर मैन जैसी सफल व्यवसायी फिल्म सारी दुनिया में धूम मचा चुकी है / हाली वुड की अनेक सफल फिल्मो में भिन्न भिन्न भुमिका द्वारा अपनी अभिनय प्रतिभा का लोहा मनवा चुके विलेम डफोई स्पाईडर मैन फिल्म में मिस्टर नॉर्मन की भूमिका निभाने के बाद भारत जैसे हिन्दी भाषी देश में बच्चो तक पहुँच बनाने में कामयाब रहे / इश्वर की दी हुई अपनी शक्लो सूरत और खुरदरी आवाज की बा-दौलत विलेम डफोई विलेन के रोल में कुछ ज्यादा अच्छी तरह जचते है /
1955 में अमेरिका में 44-15 अक्षांश पर धनु लग्न में पैदा हुए विलेम डफोई वर्तमान समय में गुरु महादशा में शुक्र की अंतर दशा से  गुजर रहे है / एक अच्छा और सफल अभिनेता बनने के लिए पंचम के भागेश का सम्बन्ध दशम से होना जरूरी है जो शर्त शनि पूरी करता है / परन्तु एक पाप ग्रह होने के कारण विलेन के रोल में सफल होना बंधा है /
विलेम डफोई का समय और भाग्य उत्तम है / आईनदा उनकी न्यूनतम तीन फिल्मे लगातार सुपर डुपर हिट होंगी यह मेरी स्पस्ट भविष्यवाणी है / आईंदा  विलेम डफोई पांच वर्षो तक काफी नाम और यश प्राप्त करेंगे / आस्कर जैसे सम्मानपूर्ण अवार्ड के हक़दार बनेगे /
यधपि स्वास्थ की दृष्टी से 2012  तक समय व्याधि पूर्ण रहेगा तो भी अभिनय की नई नई उपलब्धिया प्राप्त होती रहेगी /
 ''मिस्टर नॉर्मन'' स्वास्थ को लेकर जरूर सावधान जरूर रहे /
थैंक्स/            

Sunday, November 1, 2009

जी हाँ , मै वसुंधरा राजे सिंधिया की ही बात कर रहा हूँ !



दोस्तों,
राजस्थान की बीर उर्वरा भूमि ने भारत वर्ष को अनगिनत वीर सपूत दिए है जिन्होंने सबसे बढ़ चढ़ कर ना केवल देश के लिए प्राण न्योछावर किये बल्कि शीर्ष स्तर पर पहुँच कर पुख्ता नेतृत्व भी इतिहास में दर्ज कराने लायक दिया है /   आधुनिक भारत के नव निर्माण में बलराम जाखड , जगन्नाथ पहाडिया, महारानी सिंधिया, राजेश पायलट, और ना जाने क्या क्या नाम असंख्य नाम है जो ब्यान करपाना श्रमसाध्य कार्य है हम आप थक जायेंगे पर नाम नहीं /
आधुनिक राजनीतिकारो में एक सितारा एसा है जो मानलिया गया है की अस्त हो चूका है , जिसे उसकी पार्टी ने हासिये पर डालने में अपने तहे तक की कोई कोर कसर बांकी नहीं छोड़ी है परन्तु वो हस्ती कुछ एसी मिटटी की बनी है की मिटती नहीं /
जी हाँ , मै वसुंधरा राजे सिंधिया की ही बात कर रहा हूँ !
वसुंधरा राजे  को पिछले लोक सभा और विधान सभा दोनों चुनाव में राजस्थान की जनता में अंगूठा दिखा दिया था / उससे भी ज्यादा उनकी पार्टी भारतीय जनता पार्टी ने बुरा सलूक विधान सभा के नेता विपक्ष के पद से हटा कर पूरा किया / सिंधिया ने इस्तीफा तो दिया परन्तु दिल्ली में बैठे आला कमानों को खून के आंसू रूल्वा कर दिया जो सिंधिया के अदम्य साहस और राजनितिक गुय्ह ज्ञान का ही सुविचारित परिणाम था /
 राजस्थान की यह पहली महिला मुख्य मंत्री सन 1953 में अगस्त महीने में मुंबई में मिथुन लग्न में पैदा हुई और 1982 में राजनीती में प्रवेश किया था जब की शुक्र की महादशा चल रही थी / जब चन्द्र की दशा चल रही थी तो 08-12-2003 को वो मुख्य मंत्री बनी /  इसी दशा में ही जनता ने उन्हें पदचुयुत भी कर दिया /
श्रीमति सिंधिया का भविष्य अत्यंत उज्जवल है / ज्यादा समय तक पार्टी उन्हें दरकिनार नहीं रख सकती / वो खोलता ज्वालामुखी है जो कभी भी फट सकता है वो किसी पार्टी की मुहताज नहीं है यह तथ्य भारतीय जनता पार्टी के केन्द्रीय नेता जीतनी जल्दी समझ ले फादेमंद रहे गा/  ०2-०1-2010 से सिंधिया के सितारे नई करवट बदलेंगे जो सिंधिया की राजनीतिक ज्ञान का हिमालयन आकार साबित करेगा / अशोक गहलोत किसी मुगालते में ना रहे श्रीमती सिंधिया ०2-०7-2010 के बाद गुजरते वक्त के साथ नई विकट चुनौती बनकर उनके किये धरे पर पानी फेर देगी /
आगामी आठ वर्षो में श्रीमती सिंधिया अदम्य राजनितिक साहस के लिए जानी जाएँगी !!!
थैंक्स/
      

Sunday, October 25, 2009

भाग्य का साथ नहीं मिलने से भारत हार जाये गा !

दोस्तों,

मालूम होता है की भारतीय क्रिकेट के सितारे गर्दिश में अभी लम्बे समय तक चलेंगे /
महेंद्र सिंह धोनी को अभी और अग्नि परीक्षाओ से गुजरना पड़े गा क्यों की ग्रहों और सितारों की गति अभी भी सुधरती नहीं दिखती / वर्तमान में आस्ट्रेलिया की क्रिकेट टीम जो अपने दम-खम के लिए खूब जानी जाती है सात एक दिवसीय मैचो की श्रंखला खेलने के लिए रिंकी पोंटिंग के नेतृत्व में भारत आ पहुंची है यह वो टीम है जो दवाब में जोर दार प्रदर्शन के लिए जानी जाती है / विश्व रैंकिंग में ऑस्ट्रेलिया की टीम नंबर एक और भारत की टीम नंबर दो पर है , वास्तव में नंबर एक और नंबर दो में प्वाईंट के हिसाब से ज्यादा फासला नहीं है /
खैर , ग्रहों की गति निराली है और इस दफा भी ग्रहों की चाल भारतीय टीम के खिलाफ ही दिखाई पड़ती है / मेरे ज्योतिषीय गणना अनुसार सात मैचो की यह सीरिज ऑस्ट्रेलिया जितने जा रही है यधपि दोनों टीम के बिच अच्छी प्रतियोगिता होगी भारत अच्छी क्रिकेट खेले गा परन्तु जैसा की कह चुका हूँ भाग्य का साथ ऑस्ट्रेलिया को ही मिलेगा /और भारत हार जाये गा  थैंक्स/

Thursday, October 22, 2009

कांग्रेस के सितारे बुलंदी पर है, खुदा पूरी तरह से मेहरबान है


दोस्तों ,
आप कहेंगे मै फिर आत्म प्रशंसा या आत्म प्रवंचना कर रहा हूँ , तो मै कहूंगा नहीं यह मेरी नहीं ज्योतिष शास्त्र की अद्भूत खोज और गुरु देव कृष्ण मूर्ति और उनकी पद्धति की जित है मै तो माध्यम मात्र हूँ / जैसा की आप जानते है आज से कोई एक माह पूर्व मैंने उन्मुक्त स्वर में यह भविष्य वाणी की थी की महाराष्ट्र में एन सी पि और कांग्रेस गठबंधन की सरकार बने गी क्यों की ग्रहों का यही आदेश है / और वो ही हुआ दोनों राजनैतिक दलों ने तीसरी बार सत्ता पर कब्जा जमा लिया है और नो डाउट चीफ मिनिस्टर भी कांग्रेस का ही होगा /,  कांग्रेस के सितारे बुलंदी पर है, खुदा पूरी तरह से मेहरबान है /
साथ ही जैसा की आपको याद हो की मैंने इसी ब्लॉग में इसी लेख में यह भी कहा था की राज ठाकरे की पार्टी इस चुनाव में बड़ा गुल खिलावे गी और उसने वाकई वो ही कर दिखाया की उसने भाजपा और शिवसेना की छोटी होती जा रही जमीं को बस खडे रहने लायक ही बांकी छोडा है / यदि जल्द ही दोनों ने कुछ ना किया तो समय से पनाह मांगते दिखेंगे / यहाँ मै ज्योतिष के आधार पर कहना चाहता हूँ की भावी समय शिवसेना की अग्नि परीक्षा का होगा क्यों की उसके अवरोह का संक्रमण काल शुरू हो चूका है / शिवसेना पर शीघ्र ही मै एक ज्योतिष संबध आलेख पाठको की सेवा में प्रस्तुत करूंगा / इन्तजार करे /थैंक्स/   

लाल किताब ना ज्योतिष है और ना ही तंत्र मंत्र !


दोस्तों,
आम तौर पर कई दफा बहुत सारी बाते जुदा जुदा नहीं देख कर सामूहिक तौर पर देखि जाती है जैसे ''रात'' बोले तो चाँद , अँधेरा , तारे आदि सभी समझ में आते है जब की सभी का जुदा जुदा भी अस्तित्व होता है , ठीक उसी तरह ज्योतिष बोले तो तंत्र मंत्र भी दुम्छ्ले की तरह चिपका चला आता है हमारे जेहन में / ठीक इसी तरह यदि तांत्रिक बोलो तो वो बन्दा भी अंडर स्टूड कर लिया जाता जो भविष्य की भावी बाते भी जानता हो बता भी सकता हो / जब की जमीनी तौर पर दोनों विषय परालौकिक जरूर है परन्तु है बिलकुल जुदा जुदा , बुनियादी तौर पर ज्योतिष में जहेनियत रखने वाला ज्योतिष द्बारा पहचान की गयी परेशानी के कारणों को ख़त्म करने की गरज से तंत्र मंत्र का आश्रय लेता दिख जाता है जो देखने वाले को भुलावे में डाल देता है की ज्योत्षी भी तांत्रिक होते है / लेकिन ज्योतिष पढने वाला हर बन्दा यह बा-खूबी समझता है की ज्योतिष में  वैसा कोई अध्याय नही जिसमे ये लिखा हो की मारण , मोहन और उचातन क्रिया में किस प्रकार निष्णात हुआ जाये / ज्योतिष शास्त्र में पूरी शिद्दत से केवल ज्योतिष याने ग्रह , राशि और तत सम्बन्धी बातो पर ही ध्यान दिया गया है ना की ज्योतिष कोई समस्या बतावे तो उसका तंत्रोक्त विधान भी बखान करे/ ज्योतिष की पराकाष्ठा क्रिशन मूर्ति पद्धति है और वो मानती है की जो भविष्य है वो अविचल  और अविनाशी है लिहाजा किसी तंत्र मंत्र की आवश्यकता नहीं लिहाजा यह पद्धति तंत्र मंत्र के मुक्काम पर पल दो पल भी ठहरती नजर नहीं आती /
ज्योतिष केवल स्थिर रह कर गुजरते वक्त का तथा आनेवाले वक्त को अपनी क्षमता अनुसार कहता भर ही है परन्तु जब आने वाला या गुजर रहा वक्त इन्शान के मन-मुआफिक नहीं होता या आदमी को अपने नुक्सान का अंदेशा बने तो वो तंत्र मंत्र से झमेले का अंत पूछता है और यही वो वक्त होता है जब दोनों पराविद्या आपस में मिल्र रही गुथम गुथा इस कद्दर हो जाती है की दोनों के अस्तित्व अलग देख पाना मुश्किल हो जाता है / परन्तु थोडा और ध्यान से देखे तो जब हम ज्योतिष द्बारा डैग्नोज की गयी समस्या का हल तंत्र द्बारा कर रहे होते है तब भी ज्योतिष निष्क्रिय पड़ा होता है क्रियाशील तो तंत्र मंत्र ही होता है /
तंत्र मंत्र जहाँ अपने उद्देश्य पूर्ति के लिए साधक को यह बतलाता है की वो अपने आराध्य को खुश करने के लिए किन किन वस्तुओ का इस्तेमाल कब कब किस किस प्रकार करे वन्ही ज्योतिष केवल बन्दे की परेशानी बयान कर खामोश हो जाता है /
मैंने अपने २५ वर्षो के ज्योतिष जीवन में ८५ प्रतिशत ज्योतिषियों को तांत्रिक मान्त्रिक होने का ढोंग करते देखा और तांत्रिक मान्त्रिक को भी ज्योतिषी बनने का ढोंग करते पाया /
दोनों का साथ होना जरूरी क्यों १
 दोनों जुदा जुदा अस्तित्व हो कर भी एक दुसरे का पूरक बनने की पुरजोर कोशिश करते नजर आते है शायद इसकी वजह दोनों का एक दुसरे की जरूरत के असले से लैश होना है / दोनों ही अलौकिक अनुभूति से भरे है / स्थूल या पदार्थ रूप में दोनों ही प्रमाण जुटाने में अक्षम है यह कमी या खसूसियत जो भी है दोनों को नजदीक लाती है और बस यही आधुनिक तर्कशील, पदार्थ विश्वासी विज्ञान की आँखों में ज्योतिष और तंत्र मंत्र खटकने लगते है /

Sunday, October 18, 2009

क्या काल का पहिया रूक जाएगा !


दोस्तों, 
पता नहीं  कब से मगर जो एक चर्चा पिछले दिनों से जोर पकड़ती जा रही है वो है'' माया सभ्यता ''द्बारा रचा गया वो कैलेंडर है जिसमे इकीस दिसम्बर सन दो हजार बारह के बाद काल गणना समाप्त हो जाती है यानी दूसरे शब्दों में वो समय आ पहुंचा है जब २१ दिसम्बर को आकाश लाल होगा और आग बरसे गी , पृथ्वी पर चौतरफा हमला होगा / भूकंप , जलजला , आंधी और आग बरसे गी जिसके नतीजे के तौर पर दुनिया में कुछ भी नहीं बचेगा /
आप ही क्यों मै भी सुन पढ़ कर परेशां हो उठा लिहाजा खोज बिन शुरू हो गयी मैंने २१ दिसम्बर २०१२ की सूर्योदय कालीन और संध्या काल की दो कुण्डलिया तैयार कर उस दिन की ग्रह स्थिति का गहन चिंतन किया / क्या काल का पहिया रूक जाएगा १
यह सवाल मैंने दोनों कुन्डालियो में पूछा जवाब मुझे अपेक्षाकृत ही मिला यानी नहीं /
चर्चा और आगे बढे इससे पहले एक एसे तथ्य को मै दोहराना चाहता हूँ जो सारी दुनिया जानती है की दुनिया में ज्योतिष के ज्ञान में भारत से बाहर १० प्रतिशत भी नहीं और जो भी कुछ है वो इतना प्रभावकारी नहीं की भारत के ज्योतिषीय ज्ञान से बढ़कर कोई प्रलय जैसी भयानक आपदा की भविश्यवाणी कर सके / ज्योतिष का ज्ञान हमारे ऋषियों मुनियों ने दैनिक जीवन की प्रत्येक छोटी बड़ी गतिविधियों में बसा दी हुई है उदहारण के लिए जब हम बड़ी छोटी कोई भी पूजा करवाते है तो पंडित पूजा के लिए 'संकल्प' पाठ करता है - ॐ विष्णु विष्णु ....श्री मदभगवतो महापुर्शस्य विष्णोरागया प्रवर्तमानस्य ब्रह्मणों द्वितीय प्रह्राधे श्री श्वेत वाराह कल्पे सप्तमे वैवस्वत मन्वन्तरे अष्टा विन्शतित्मे कलियुगे कलि प्रथम चरणे ......../ ध्यान दे की श्लोक में काल की गणना की जा रही है की यह कलयुग का प्रथम चरण चल रहा है और सम्पुरण कलयुग चार चरणों में पूरा होगा /कलयुग का पूरा मान ४३२००० वर्ष है /जिसका चौथा हिस्सा १०८०० हुआ और अभी वो भी पूरा नहीं हुआ फिर भला महा विनाश का क्या तुक /
२१ दिसम्बर २०१२ रोज शुक्र वार को दिल्ली में सूर्योदय सुबह ०७ बजकर १४ मिनिट पर होगा /उस समय धनु लग्न उदित रहे गा /सूर्य धनु में , चन्द्र मीन में , मंगल मकर में , शनि तुला में, गुरु और केतु वृषभ में , शुक्र बुध और राहू ब्रिश्चिक में होंगे / मेरे चिंतन मनन अनुसार यह एक आम दिनों जैसी एक आम ग्रह स्थिति मालूम देती है / यधपि मेरे पास पिछले ५५ वर्षो में देश में और विदेश में आने वाले सभी बड़े भूकम्पों का ज्योतिषीय ब्योरा उपलब्ध है परन्तु उन उपलब्ध ब्योरो से २१ दिसम्बर २०१२ की ग्रह स्थिति का कोई नाम मात्र भी मिलान नहीं बैठता /


मै अब अधिकार पुर्बक घोषणा करना चाहता हूँ की माया सभ्यता द्वारा की गयी भविष्यवाणी कोरी बकवास से अधिक कुछ नहीं /थैंक्स/      










Friday, October 9, 2009

सात यक्ष प्रश्नों के उत्तर भाग -२


दोस्तों ,

सात यक्ष प्रश्नों के उत्तर के साथ भाग -२ हाजिर है !
एक प्रबुद्ध ब्लॉगर ने यधपि सवाल संगीता पूरी से पूछे थे जो एक विद्वान महिला है /ज्योतिष का उन्हें अपने हिसाब का ज्ञान है /यद्धपि वो खुद को ज्योतिष बयाँ नहीं करती या नहीं मानती और अपनी पद्धति को'' विकसित ''हो रही बताती है लिहाजा उन्हें भी फिर दोष देना यथेष्ट नहीं मालूम पड़ता / दूसरी बात यह है की केवल यक्ष प्रश्न पूछने से बात नहीं बनती जवाब पाने के लिए साधन भी जोड़कर दिए जाने चाहिए थे जो की प्रबुद्ध ब्लॉगर ने दिए नहीं / जन्हा तक मेरा सवाल है मुझे छ सवालों का जवाब देते कही भी हिचक नहीं क्यों की सातवा सवाल शेयर मार्केट से जुडा है तो मैंने आपने अनेक मित्रो से मुंबई में शेयर मार्केट के स्थापना आदि का समय जानना चाह और जो थोडा मालूम हुआ उस आधार पर सशंकित हूँ लिहाजा प्रबुद्ध ब्लॉगर से मेरी प्रार्थना है डाटा उपलब्ध करावे तो मै जानकारी जरूर दूंगा/

राहुल गाँधी की शादी -
१. कुछ महीनो पहले जुलाई में राहुल गाँधी को मैंने उनके जन्म दिन पर इ-मेल द्वारा मेरी लिखी भविष्य वाणी भेजी थी और एक विस्तृत लेख मैंने अपने ब्लॉग में उनकी शादी के बारे में इसी ब्लॉग पर पोस्ट किया था जो आप पढना चाहे तो पुराने पोस्ट में मौजूद है देख ले / खैर , राहुल गाँधी अभी शादी नहीं करेंगे क्यों की उनकी कुंडली अनुसार विवाह में बंधन का योग है / उनकी शादी १७ -०५ -२०११ के बाद ही होगी लिहाजा इस बारे में बाते करना अभी बेकार है /
२. पाकिस्तान और अफगानिस्तान [दोनों के अक्षांसआदि भेद नहीं होने से दोनों समान है ] अगले आतंकवादी हमले के निशाने पर दोनों बिशेष रहें गे / अगला हमला इन्ही दोनों में से किसी पर होगा /
३. सिविल सर्विसेस में टोपर आने वाले विद्यार्थियों के नाम इस वर्ष ''क '' स '' और ''म'' से शुरू होंगे /
४. अफगानिस्तान में युद्धरत नाटो सेना के अधिकतम १४ से अधिक सैनिक शहीद नहीं होंगे, आंकड़े ३१ दिसम्बर २००९ तक के लिए है /
५. ३१ दिसम्बर २००९ को दिल्ली का निम्नतम तापमान ५ से छ डिग्री और अधिकतम १२ डिग्री से ज्यादा नहीं होगा /
६. भारत और चीन के बिच अभी आगामी तिन वर्षो तक युद्ध की कोई ग्रह गति नहीं बनती लिहाजा युद्ध के संयोग बनने पर समय रहते बता देंगे / फिलहाल ब्लॉगर बंधू निश्चिंत रहे / अभी तिन वर्ष कोई डर नहीं /
७. सातवे सवाल के लिए जैसा की मैंने पहले ही कहा था ब्लॉगर बंधू डाटा उपलब्ध करावे तो मै जानकारी जरूर दूंगा , फिर भी यह जरूर लिख रहा हूँ की जल्दी ही सेंसेक्स २००००/- क्रोस कर जायेगा / थैंक्स /


ज्योतिष के आगे सात यक्ष प्रश्न !


दोस्तों ,
पिछले दिनों एक प्रबुद्ध ब्लॉगर ने समस्त भारत के ज्योतिषियों के आगे सात यक्ष प्रश्न रखे थे और चुनौती पेश की थी की वो इन यक्ष प्रश्नों का उत्तर दे कर यह साबित करे की ज्योतिष विज्ञानं है / मै बड़े ही विनम्र तरीके से उनकी चुनौती स्वीकार करता हूँ और अपने प्रभु से प्रार्थना करता हूँ की वे सदा दाहिने हों/ सभी प्रश्नों के उत्तर आगे दूंगा परन्तु साथ ही यह भी कहना चाहता हूँ की ज्योतिष विज्ञानं नहीं है/ यह विज्ञानं हो ही नहीं सकता , हाँ , इतना जरूर है की ज्योतिष में विज्ञानं की कभी कभी झलक मिल सकती है / जैसे चंद्रमा पर पानी मिलना आज भारत समेत नासा भी मान रहा है जब की ज्योतिष शुरू से कहता आ रहा है की चंद्रमा जल तत्व प्रधान ग्रह है उसकी राशिः कर्क है जो भी जल जीवी है / दरसल ज्योतिष सृष्टी के प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष सार को समझने का स्वयं सिद्ध साधन है / ज्योतिष के रचयता स्वयं परमात्मा है बांकी ऋषि आदि तो प्रवर्तक मात्र है जो समय अनुसार अपने अनुभव बताते गए है / सृष्टी जीतनी गुय्ह है उस हिसाब से समझने का साधन ज्योतिष भी गुय्ह है अतः उसे विज्ञानं कह कर अपमान नहीं किया जाना चाहिए / विज्ञानं से अभिप्रायः आधुनिक विज्ञानं से है /जो सिमित साधन युक्त है/ जिस तरह क्रोध के समय प्यार और प्यार के समय क्रोध नहीं किया जा सकता ठीक उसी तरह कुछ पुस्तके पढ़ कर ज्योतिष नहीं पाया जा सकता / जिन लोगो ने पाराशरी पढ़ी हो वो जानते होने चाहिए की पुरानी पाराशरी में नारद जी के कहने पर'' देव भूत्वा देव यजेत '' सिद्धांत अपनाते हुए पराशर ऋषि ने गौरी मंत्र को साधने की सलाह दी क्योकि मंत्रो में त्रान की शक्ति है और त्रान से ना केवल शारीर बल्कि आत्म शुद्धि भी होती है / जिसकी आत्म शुद्धि होगी वो ही ज्योतिष को समझे गा ताकि इसकी शक्ति का सही इस्तेमाल किया जा सके / विज्ञानं स्थूल अध्यन करता है ,उसके साधन भी स्थूल है /यह यान भेज कर पिंड के दर्शन कर सकता है परन्तु वो हजारो वर्ष पहले ही ऋषियों ने जैसा कहा उसी तरह मंगल लाल , शुक्र सफ़ेद , बुद्ध हरा ,और गुरु पिला पिंड क्यों निकला / जब की तब दूरबीन की तो कोई सोच भी नहीं सकता था जब ये बाते ऋषियों ने बताई थी / स्थूल क्रिया के पक्ष में ढेरो प्रमाण ईकद्दे किये जा सकते है परन्तु जो सूक्ष्म है वो मनो भावो में तो आ सकता है परन्तु स्थूल अभिव्यक्ति तो भुक्त प्राणी ही अपनी वाणी से दे सकता है लिहाजा ज्योतिष को विज्ञानं बताकर देवताओ की क्रियापद्धति को व्यक्त करने वाली समझ की अनुभूति को जूठा ना करे /शेष फिर / थैंक्स/



Wednesday, October 7, 2009

राहुल गाँधी ; भविष्य का विद्रोही नवयुवक नेता !



दोस्तों,


आज से मै एक सजीदा अभियान को अंजाम देने निकला हूँ, मैंने यह फैसला किया है की राहुल गाँधी पर मै एक ज्योतिषीय विस्तृत आलेख तैयार करू जिसमे उन तमाम पहलू पर ज्योतिष की दृष्टि डालू जो लोगो की नजरो से अलग है यानि उनके भावी भविष्य में क्या दृश्य होंगे मसलन उनकी शादी कब होगी, क्या वो सशक्त प्रधान मंत्री होंगे और उनके विचार क्या है, पारिवारिक जीवन और स्वाभाव क्या है, बच्चे कितने होंगे और कब होंगे, आगे चलकर उनके सम्बन्ध अपनी माता और बहन बहनोई से कैसे रहेंगे / इस किस्म के अनेक प्रश्न पर मै ज्योतिषी के यथा संभव जवाब तैयार करूंगा और बे धडक आपतक इस ब्लॉग के माध्यम से दूंगा / लेख माला कई किस्तों में होगी जो शोध कार्य के साथ प्रकाशित होती रहे गी /

राहुल गाँधी का जन्म मिथुन लग्न में हुआ है यह अत्यंत ही उर्जा से भर पूर लग्न राशिः है लिहाजा राहुल अत्यंत ही उत्साही नवयुवक है और गहरी सोच वाले परन्तु राशिः द्विय स्वाभाव होने से द्विधा के शिकार भी हो जाते है जब की उस द्विधा से बाहर निकलने में लग्न में बैठा मंगल देता है / जैसा की सभी जानते है मंगल साहस और शूरता का प्रतिक है, कृष्ण मूर्ति पद्धति अनुसार राहुल का मंगल खास वजहों से उन्हें विद्रिही बना देता है इस तथ्य को दूसरी तरह से यूं समझे की वो अपने पैतृक जींस की वजह से राजीव गाँधी की तरह विद्रोही है जो यह कहने का साहस रखता की है -'' उनका भेजा एक रुपया जनता तक पहुँचते पहुँचते पंद्रह पैसे रह जाता है''

राहुल को इस किस्म की आतंरिक मजबूती मंगल से मिलती है लिहाजा वो कहने में नहीं हिचकते जो सच्च जनता नेताओ के मुह से सुनना चाहती है / उस सच्च को कहने का जो साहस मंगल ही राहुल को देता है और इस प्रकार उन तमाम नेताओ की जमात से अलग है खड़े नजर आते है जो केवल स्वार्थ साधन के लिए राजनीती में /

मंगल शत्रु भावः का स्वामी है लिहाजा मंगल के दिए गुणों से राहुल के शत्रु ब्याकुल होंगे / राहुल का सच्च उनकी सांस रोक देगा, दूसरी और चुकी मंगल मिथुन लग्न में शुभ नहीं गिना जाता लिहाजा राहुल को भी अपने गुण से कभी भी बाधा हो सकती है शेष फिर /, थैंक्स /

Thursday, October 1, 2009

''पाकिस्तान ने भारत को दो विकेट से हरवाया ''



दोस्तों ,
''पाकिस्तान ने भारत को दो विकेट से हरवाया ''
यह शीर्षक सूनने में अटपटा जरूर है परन्तु है सच्चाई / क्यों की वास्तव में, आस्ट्रेलिया के हांथो दो विकेट से पाकिस्तान क्या हारा भारत की चैम्पियन ट्रोफी में कायम रहने की  तमाम आशाये भी  ख़त्म हो गयी /भारतीय क्रिकेट टीम की स्थिति इतनी बिगड़ चुकी थी की पाकिस्तान जैसे प्रतिस्पर्धी देश का मुहताज होगया था भारत, और उम्मीद करने लगा की पाकिस्तान भारत के बदले आस्ट्रेलिया को हारा दे ताकी भारत प्रतियोगिता में बना रह जाये मगर भारत को पाकिस्तान ने अच्छा सबक सिखाया की वो अपने दुश्मन देश से बेवकूफी भरी उम्मीद ना रखे क्यों की क्रिकेट की नामचीन प्रतियोगिताये यूं नहीं जीती जाती /
दोस्तों ,

मै भी भारत की हार को झेल नहीं पा रहा हूँ / दुखी हूँ / गमगीन हूँ / भारत की हार ने चैम्पियन ट्रोफी का सारा शरूर खत्म कर दिया / पीछे मैंने इसी ब्लॉग में भविष्य वाणी कर दी थी की भारत चैम्पियन ट्रोफी से बे दखल कर दिया जाये गा जो हर बार की तरह बिलकुल ठीक निकली , जो इतेफाक कतई नहीं थी  क्यों की यह ज्योतिष का वो  जायका था जो कृष्ण मूर्ति पद्धति के नाम से जानी जाती है / यह कृष्ण मूर्ति पद्धति की सफलता है / गुरु देव श्री  कृष्ण मूर्ति जी को मेरा सतत प्रणाम जो उन्होंने मुझे माध्यम के रूप में चुना / उन्हें और उनकी पद्धति को मेरा सादर सतत प्रणाम/थैंक्स/

Thursday, September 24, 2009

महाराष्ट्र विधान सभा चुनाव पर ग्रहों का फ़ैसला !


दोस्तों,

आपकी सेवा में फ़िर हाजिर हूँ !
आज मेरे पास विधान सभा चुनाव के बारे में कहने को बहुत कुछ है जो १३ अक्टूबर २००९ को महाराष्ट्र में होने जा रहे है / रन छेत्र में सभी प्रमुख चार पार्टियाँ यानि कांग्रेस , न.क.प , शिव सेना और भारतीय जनता पार्टी युद्ध के लिए आ खड़ी हो चुकी है /पांचवीं पार्टी राज ठाकरे की पार्टी है / यधपि मै वैचारिक रूप से राज ठाकरे की पार्टी से सहमत नही हूँ लिहाजा इस पार्टी की मै चर्चा नही करना चाहता था परन्तु भावी चुनाव में इसका भी महती रोल है लिहाजा इसकी भी गिनती करना मजबूरी है /
खैर, ज्योतिष शास्त्र के सहयोग से किए विस्तृत अध्यन से मै इस नतीजे पर पहुँचा हूँ की महाराष्ट्र में आगामी चुनाव कांग्रेस और नेशनल कांग्रेस पार्टी के लिए शुभ ग्रह योग बन रहे है / गुरु ग्रह राहू और मंगल , शनि , केतु और सूर्य के साथ उत्तम राजयोग का निर्माण कर रहा है लिहाजा आगामी विधान सभा चुनाव में पुनः कांग्रेस की सरकार राज्य में स्थापित होगी / भारतीय जनता पार्टी और शिव सेना को हार का मुंह देखना पड़े गा /
थैंक्स/
नवरात्रों की मेरे दयालू पाठको को हार्दिक शुभ कामना !
जय माता की !

Tuesday, September 22, 2009

भारतीय क्रिकेट टीम फ़िर हार जाए गी !



दोस्तों,

भारत की क्रिकेट टीम का लेखा जोखा ले कर मै फ़िर हाजिर हूँ ! पीछे मैंने कई बार भारतीय क्रिकेट टीम और अन्या टीम के हार जित की सफल भविष्य वानिया की है और आज फ़िर आपकी सेवा में हाजिर हूँ / २६-०९-२००९ से चैम्पियन ट्रोफी में भारत का पहला मैच शुरू होगा / चैम्पियन ट्रोफी को महत्त्व इसी बात से समझा जा सकता है की सभी इसे मिनी वर्ल्ड कप मानते है / भारतीय टीम मुम्बई से आश्विन आमवाश्या को दक्षिण आफ्रिका के लिए रवाना हुई थी जो की यात्रा के लिहाज से एक अशुभ मुहूरत है /साथ ही कई खिलाडियों की जन्म कुंडली अनुसार अच्छा समय नही चल रहा है /लिहाजा चैम्पियन ट्रोफी भारत द्वारा जित पाना नामुमकिन है /भारत चैम्पियन ट्रोफी में हार जाएगा /भारतीय टीम मुकाबले से बाहर हो जाए गी यह सत्य जाने / भारतीय क्रिकेट के सितारे गर्दिश के शिकार हो चुके है / मंगल और गुरु ग्रह की कोप दृष्टि टीम के लिए भीषण भारी है / महेंद्र सिंह धोनी के सितारे भले ही उसे धन कुबेर बना दे परन्तु विश्व विजेता टीम का गौरब अभी उन्हें नही प्राप्त होगा / ज्योतिष की तरफ़ शक और संदेह भरी अंगुली उठाने वाले मेरी डंके की चोट पर की जारही भविष्य वाणी सुने भारत चैम्पियन ट्रोफी से बाहर हो जाए गा /विश्व विजेता कौन होगा यह अगले लेख में बताऊंगा / शोध जारी है /थैंक्स/

Sunday, September 20, 2009

भारत के परमाणु परिक्षण बे-लज्जत नही है !


दोस्तों,
पिछले पखवाडे से देश में बड़े जोर से एक बहस चल पड़ी है की ११-०६ १९९८ को अटल बिहारी बाजपेयी सरकार ने डॉक्टर अब्बदुल कलाम के संरक्षण में जो परमाणु परीक्षण कर वाये थे वो सभी व्यर्थ थे या अपर्याप्त फलदायी थे /
भारत में पहला परीक्षण १८-०५-१९७४ को राजस्थान के पोखरण में हुआ था तब श्रीमती इंदिरा गाँधी प्रधानमंत्री थी /वो परीक्षण मकर लग्न में किया गया था जब की दूसरा सिंह लग्न में हुआ /उस परीक्षण कुंडली अनुसार अभी शुक्र महा दशा में राहू चल रहा है /राहू लग्न में केतु के स्टार में है /शुक्र स्वयं के स्टार में है /दोनों का सम्बन्ध लग्न और लाभ से है /
जापान में नागाशाकी और हिरोशिमा पर परमाणु बम ०६ और ०८ अगस्त १९४५ को कर्क लग्न में डाला गया था लाभेश शुक्र जनता के घर का मालिक होकर शनि राहू आदि ग्रहों से १२वे घर में मार खा रहा था उसपर भी लाखो लोग मरे थे /
भारत के पहले परीक्षण की कुंडली अनुसार अभी राहू में चंद्र चल रहा है जो कलह कारी दशा है /
जो एक बात दोनों तीनो परीक्षण कुंडली से स्पस्ट नजर आती है वो है प्रयोग करता को पूर्ण संतुष्टि प्राप्ति का योग सु स्पस्ट नजर आता है लिहाजा मै अपने देश वासियों से स्पस्ट कहना चाहता हूँ की ज्योतिष में कृष्ण मूर्ति पद्धति अनुसार भारत को अपने धेय्य प्राप्ति हो चुकी है और परीक्षणों से जो मिला वो भारत के अनुभव के लिए काफ़ी है लिहाजा विवाद बे-लज्जत है /

Saturday, September 19, 2009

वास्तु शास्त्र और सच्चाई में कोई मेल नही


दोस्तों!
मेरी मनसा किसी विवाद को जन्म देने की कतई नही लिहाजा पहले ही स्पस्ट करता चलू की वास्तु शास्त्र से मै जो इतेफाक रखता हूँ वो मेरे अपने २५ वर्षो का तथ्य परक अनुभव है /मै समझता हूँ शास्त्र को पढ़ना और अनुभूत करना दो अलग अलग बाते है जो एक जैसे या भिन्न भी हो सकते है /
सन २००४ की बात है तब मेरी जन्म पत्रिका अनुसार मुझे भवन निर्माण का योग चल रहा था और साथ ही पिता जी के लिए अनुकूल समय भी प्रतीत नही होता था / पिता जी तब गाँव में ही रहते थे / मुझे यह स्पस्ट अनुभूत होरहा था की कोई अनहोनी होने वाली है परन्तु इधर दिल्ली में घर खरीदने की कवायद इतनी जोर पकड़ रही थी की अवकाश मिलता नही दिख रहा था /खैर , भारी भाग दौड़ के बाद मै एक फ्लैट खरीद सकने में २२जून २००४ को सफल हो ही गया /जुलाई का महिना मैंने स्थानांतरण की आपाधापी में गुजरा और एक अगस्त को पिता जी के गोलोक प्रस्थान का समाचार मुझे मिल गया / मै बड़ा दुखी हुआ / हाँथ मलता रह गया /
खैर , लोगो ने मुझे कहा शशि भूषण जी मालूम होता है फ्लैट में कोई दोष है वास्तु इसका ठीक नही परन्तु मै ने बात को कान नही दिया , मैंने निश्चय किया की जब पिता की मृत्यु की दशा चल रही है तो फ्लैट में क्या दोष देखू जब यह दशा खत्म हो जायेगी और अच्छी दशा चले गी तब भी यदि हालत नही सुधरी तो मानू गा की वास्तु दोष भी मायने रखता है /
परन्तु हुआ उलटा , २००५ के जून महीने में मेरी दशा अच्छी हुई और मेरे आर्थिक और अन्य हालत सुधरते चले गए /आज भी मै अपने उसी फ्लैट में स्वस्थ और संतुस्ट हूँ /
मेरे एक प्रिय मित्र राजेंद्र शर्मा है जिनकी दो दुकाने डी.डी.मार्केट में है / दुकान जो मार्केट के फ्रंट हिस्से में है वो तो किराये पर उठी है परन्तु जो बैक हिस्से में है वो १० वर्षो से खाली पड़ी रही और गत चार महीने पहिले किराये पर उठी है /इस बिच अनेक वास्तु शास्त्रियों ने बुलाये जाने पर प्रेत से लेकर नजाने क्या क्या दोष बताये और दूकान बेच देने तक की सलाह दी /आज वो ही दुकान प्रति माह २०००० रुपए दे रही है वो अब यदा कदा मजाक में कहते है कान्हा गया वो प्रेत और वास्तु दोष !
असल में कुंडली देखने पर मालूम हुआ की किराये से आमदनी में बढोतरी का योग जब चालू हुआ तभी वो किराये पर उठी /और यह भविष्य वाणी मैंने ५ महीने पहले ही उन्हें कर दी थी /
मै निर्णय लेने का अधिकार पाठको पर ही छोड़ता हूँ की वो मुझे अपने विवेक से बतावे की क्या वास्तव में वास्तु शास्त्र में जीवन में बदलाव ला सकने के मायने है या नही यधपि मुझे कोई भ्रान्ति नही है /थैंक्स/