Wednesday, December 30, 2009

प्रथम ग्रासे मक्षिका पातंम यानी श्री गुरूजी की अतृप्त अभिलाषा !



www.blogvani.comदोस्तों,
आज दिनाक 30-12-2009 को सुबह 10 बजकर 30 मिनट पर झारखंड की राजधानी रांची में श्री शिबू शोरेन ने मुख्य मंत्री पद की शपथ तब ली है जब एक स्थिर लग्न कुम्भ राशि उदित थी / ज्योतिषियों ने शिबू शोरेन के दुर्भाग्य को स्थिरता प्रदान करने की बड़ी खूबसूरत चाल चली है या यूं कहे पूरा जोर लगा दिया है परन्तु मै पहले से कहता आ रहा हूँ की पाराशर पद्धति के चंचल सिद्धांत जब खुद स्थिर नहीं तो दूसरो को क्या स्थिरता देंगे / रोहिणी नक्षत्र में जब सूर्य का अंतरा और पुनः चन्द्रमा का प्रत्यंतर चल रहा था तब शपथ ग्रहण हुआ जो ज्योतिषियों की दूसरी सशक्त चाल थी शिबू शोरेन के भाग्य को सौभाग्य में बदलने की/ परन्तु हाय रे शिबू शोरेन का दुर्भाग्य !
जो सन 1999 के बाद से जो रूठा कब मानने वाला था /
कुम्भ लग्न की इस शपथ ग्रहण कुंडली को राहू की कुदृष्टि लगी पड़ी है जो शिबू शोरेन के अंतिम अभिलाषा को मालूम होता है निगलने को तैयार बैठा है /  श्री शिबू शोरेन उर्फ़ गुरूजी अत्यंत अल्प समय के लिए ही अभी तीसरी बार भी मुख्य मंत्री रह पायेंगे / अपने जन्म से ही यह सरकार अल्प जीवी है ज्यादा समय नहीं लगेगा कोई विपदा आने में जो शिबू शोरेन की अभिलाषा पर तुषारापात करे गी और मरती हुयी भाजपा को भी ले मारे गी / दोनों के दुर्भाग्य और कांग्रेस के सौभाग्य ने ये गठजोड़ तैयार किया है / एक वर्ष और चार महीने से ज्यादा इस सरकार की आयु नहीं है /
श्री शिबू शोरेन के प्रथम ग्रास में मक्षिका पात हुआ हुआ ही जाने !
थैंक्स/                      

1 comment:

Udan Tashtari said...

अल्प समय में ही जाने क्या गुर खिलायेंगे...



मुझसे किसी ने पूछा
तुम सबको टिप्पणियाँ देते रहते हो,
तुम्हें क्या मिलता है..
मैंने हंस कर कहा:
देना लेना तो व्यापार है..
जो देकर कुछ न मांगे
वो ही तो प्यार हैं.


नव वर्ष की बहुत बधाई एवं हार्दिक शुभकामनाएँ.