Sunday, July 5, 2009

आसमानी कौतुक मगर धरतीवालो का जान का जंजाल ही तो होगा बाईस जुलाई दो हजार नौ को ! ! !


दोस्तों ,

२२ जुलाई बुद्धवार सन २००९ को खग्रास सूर्य ग्रहण होने जारहा है /यह अत्यंत महत्वपूर्ण खगोलीय घटना है इसका प्रभाव बड़ा ही दूरगामी होता है / यह ग्रहण करक राशिः में घटित होगा /खगोलीय वैज्ञानिको के लिए यह खोज से अधिक महत्वपूर्ण विषय नही है परन्तु ज्योतिष की दृष्टि से ग्रहण दोनो में से कोईसा भी हो लाभदायक कम नुकसानदायक ज्यादा अनुभव किया गया है और फ़िर ये तो कंकन नही खग्रास सूर्य ग्रहण है लिहाजा विचार जरूर करे /दिल्ली में यह ग्रहण ०५-३२-०८ बजे सुबह से ०७-२४-५७ बजे तक मोक्ष होगा /किसी भी ग्रहण के नौ घंटे पहले से सूतक प्रारम्भ माना जाता है /
ग्रहण लगा सूर्य एक विशिष्ट कोण से कुछ नगरो के ऊपर से गुजरे गा / ये नगर क्रमशः इस प्रकार से नाम अनुसार है - भावनगर , सूरत, वडोदरा, इन्दौर , उज्जैन , भोपाल , सागर, जबलपुर, इलाहाबाद , वाराणसी , गया और पटना / ये सभी नगर सूर्य ग्रहण की पुरी जद्द में होंगे /
कृष्ण मूर्ति पद्धति ज्योतिष की अनुपम और वैज्ञानिक अनुभाग है उसके अनुसार ग्रहण का विशेष प्रभाव ग्रहण पथ की जद्द में पड़ने वाले नगरो पर विशेष रूप से होता है लिहाजा उपरोक्त नगरो पर आगामी एक वर्ष अत्यन्त विशेष होगा /यधपि मेरा आशय यह बिल्कुल नही की सभी नगर ग्रहों की कड़ी नजरो में होगे बल्कि कथन यह है की आगामी एक वर्ष इन नगरो में से किसी के लिए कष्ट प्रद वर्ष हो सकता है लिहाजा सावधानी जरूरी है /बांकी प्रभु इक्छा बलवान है / एक वर्ष की अवधी २२ जुलाई २००९ से २२ जुलाई २०१० तक मान्य होगी /थैंक्स/