Saturday, September 19, 2009

वास्तु शास्त्र और सच्चाई में कोई मेल नही


दोस्तों!
मेरी मनसा किसी विवाद को जन्म देने की कतई नही लिहाजा पहले ही स्पस्ट करता चलू की वास्तु शास्त्र से मै जो इतेफाक रखता हूँ वो मेरे अपने २५ वर्षो का तथ्य परक अनुभव है /मै समझता हूँ शास्त्र को पढ़ना और अनुभूत करना दो अलग अलग बाते है जो एक जैसे या भिन्न भी हो सकते है /
सन २००४ की बात है तब मेरी जन्म पत्रिका अनुसार मुझे भवन निर्माण का योग चल रहा था और साथ ही पिता जी के लिए अनुकूल समय भी प्रतीत नही होता था / पिता जी तब गाँव में ही रहते थे / मुझे यह स्पस्ट अनुभूत होरहा था की कोई अनहोनी होने वाली है परन्तु इधर दिल्ली में घर खरीदने की कवायद इतनी जोर पकड़ रही थी की अवकाश मिलता नही दिख रहा था /खैर , भारी भाग दौड़ के बाद मै एक फ्लैट खरीद सकने में २२जून २००४ को सफल हो ही गया /जुलाई का महिना मैंने स्थानांतरण की आपाधापी में गुजरा और एक अगस्त को पिता जी के गोलोक प्रस्थान का समाचार मुझे मिल गया / मै बड़ा दुखी हुआ / हाँथ मलता रह गया /
खैर , लोगो ने मुझे कहा शशि भूषण जी मालूम होता है फ्लैट में कोई दोष है वास्तु इसका ठीक नही परन्तु मै ने बात को कान नही दिया , मैंने निश्चय किया की जब पिता की मृत्यु की दशा चल रही है तो फ्लैट में क्या दोष देखू जब यह दशा खत्म हो जायेगी और अच्छी दशा चले गी तब भी यदि हालत नही सुधरी तो मानू गा की वास्तु दोष भी मायने रखता है /
परन्तु हुआ उलटा , २००५ के जून महीने में मेरी दशा अच्छी हुई और मेरे आर्थिक और अन्य हालत सुधरते चले गए /आज भी मै अपने उसी फ्लैट में स्वस्थ और संतुस्ट हूँ /
मेरे एक प्रिय मित्र राजेंद्र शर्मा है जिनकी दो दुकाने डी.डी.मार्केट में है / दुकान जो मार्केट के फ्रंट हिस्से में है वो तो किराये पर उठी है परन्तु जो बैक हिस्से में है वो १० वर्षो से खाली पड़ी रही और गत चार महीने पहिले किराये पर उठी है /इस बिच अनेक वास्तु शास्त्रियों ने बुलाये जाने पर प्रेत से लेकर नजाने क्या क्या दोष बताये और दूकान बेच देने तक की सलाह दी /आज वो ही दुकान प्रति माह २०००० रुपए दे रही है वो अब यदा कदा मजाक में कहते है कान्हा गया वो प्रेत और वास्तु दोष !
असल में कुंडली देखने पर मालूम हुआ की किराये से आमदनी में बढोतरी का योग जब चालू हुआ तभी वो किराये पर उठी /और यह भविष्य वाणी मैंने ५ महीने पहले ही उन्हें कर दी थी /
मै निर्णय लेने का अधिकार पाठको पर ही छोड़ता हूँ की वो मुझे अपने विवेक से बतावे की क्या वास्तव में वास्तु शास्त्र में जीवन में बदलाव ला सकने के मायने है या नही यधपि मुझे कोई भ्रान्ति नही है /थैंक्स/