Friday, October 9, 2009

सात यक्ष प्रश्नों के उत्तर भाग -२


दोस्तों ,

सात यक्ष प्रश्नों के उत्तर के साथ भाग -२ हाजिर है !
एक प्रबुद्ध ब्लॉगर ने यधपि सवाल संगीता पूरी से पूछे थे जो एक विद्वान महिला है /ज्योतिष का उन्हें अपने हिसाब का ज्ञान है /यद्धपि वो खुद को ज्योतिष बयाँ नहीं करती या नहीं मानती और अपनी पद्धति को'' विकसित ''हो रही बताती है लिहाजा उन्हें भी फिर दोष देना यथेष्ट नहीं मालूम पड़ता / दूसरी बात यह है की केवल यक्ष प्रश्न पूछने से बात नहीं बनती जवाब पाने के लिए साधन भी जोड़कर दिए जाने चाहिए थे जो की प्रबुद्ध ब्लॉगर ने दिए नहीं / जन्हा तक मेरा सवाल है मुझे छ सवालों का जवाब देते कही भी हिचक नहीं क्यों की सातवा सवाल शेयर मार्केट से जुडा है तो मैंने आपने अनेक मित्रो से मुंबई में शेयर मार्केट के स्थापना आदि का समय जानना चाह और जो थोडा मालूम हुआ उस आधार पर सशंकित हूँ लिहाजा प्रबुद्ध ब्लॉगर से मेरी प्रार्थना है डाटा उपलब्ध करावे तो मै जानकारी जरूर दूंगा/

राहुल गाँधी की शादी -
१. कुछ महीनो पहले जुलाई में राहुल गाँधी को मैंने उनके जन्म दिन पर इ-मेल द्वारा मेरी लिखी भविष्य वाणी भेजी थी और एक विस्तृत लेख मैंने अपने ब्लॉग में उनकी शादी के बारे में इसी ब्लॉग पर पोस्ट किया था जो आप पढना चाहे तो पुराने पोस्ट में मौजूद है देख ले / खैर , राहुल गाँधी अभी शादी नहीं करेंगे क्यों की उनकी कुंडली अनुसार विवाह में बंधन का योग है / उनकी शादी १७ -०५ -२०११ के बाद ही होगी लिहाजा इस बारे में बाते करना अभी बेकार है /
२. पाकिस्तान और अफगानिस्तान [दोनों के अक्षांसआदि भेद नहीं होने से दोनों समान है ] अगले आतंकवादी हमले के निशाने पर दोनों बिशेष रहें गे / अगला हमला इन्ही दोनों में से किसी पर होगा /
३. सिविल सर्विसेस में टोपर आने वाले विद्यार्थियों के नाम इस वर्ष ''क '' स '' और ''म'' से शुरू होंगे /
४. अफगानिस्तान में युद्धरत नाटो सेना के अधिकतम १४ से अधिक सैनिक शहीद नहीं होंगे, आंकड़े ३१ दिसम्बर २००९ तक के लिए है /
५. ३१ दिसम्बर २००९ को दिल्ली का निम्नतम तापमान ५ से छ डिग्री और अधिकतम १२ डिग्री से ज्यादा नहीं होगा /
६. भारत और चीन के बिच अभी आगामी तिन वर्षो तक युद्ध की कोई ग्रह गति नहीं बनती लिहाजा युद्ध के संयोग बनने पर समय रहते बता देंगे / फिलहाल ब्लॉगर बंधू निश्चिंत रहे / अभी तिन वर्ष कोई डर नहीं /
७. सातवे सवाल के लिए जैसा की मैंने पहले ही कहा था ब्लॉगर बंधू डाटा उपलब्ध करावे तो मै जानकारी जरूर दूंगा , फिर भी यह जरूर लिख रहा हूँ की जल्दी ही सेंसेक्स २००००/- क्रोस कर जायेगा / थैंक्स /


ज्योतिष के आगे सात यक्ष प्रश्न !


दोस्तों ,
पिछले दिनों एक प्रबुद्ध ब्लॉगर ने समस्त भारत के ज्योतिषियों के आगे सात यक्ष प्रश्न रखे थे और चुनौती पेश की थी की वो इन यक्ष प्रश्नों का उत्तर दे कर यह साबित करे की ज्योतिष विज्ञानं है / मै बड़े ही विनम्र तरीके से उनकी चुनौती स्वीकार करता हूँ और अपने प्रभु से प्रार्थना करता हूँ की वे सदा दाहिने हों/ सभी प्रश्नों के उत्तर आगे दूंगा परन्तु साथ ही यह भी कहना चाहता हूँ की ज्योतिष विज्ञानं नहीं है/ यह विज्ञानं हो ही नहीं सकता , हाँ , इतना जरूर है की ज्योतिष में विज्ञानं की कभी कभी झलक मिल सकती है / जैसे चंद्रमा पर पानी मिलना आज भारत समेत नासा भी मान रहा है जब की ज्योतिष शुरू से कहता आ रहा है की चंद्रमा जल तत्व प्रधान ग्रह है उसकी राशिः कर्क है जो भी जल जीवी है / दरसल ज्योतिष सृष्टी के प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष सार को समझने का स्वयं सिद्ध साधन है / ज्योतिष के रचयता स्वयं परमात्मा है बांकी ऋषि आदि तो प्रवर्तक मात्र है जो समय अनुसार अपने अनुभव बताते गए है / सृष्टी जीतनी गुय्ह है उस हिसाब से समझने का साधन ज्योतिष भी गुय्ह है अतः उसे विज्ञानं कह कर अपमान नहीं किया जाना चाहिए / विज्ञानं से अभिप्रायः आधुनिक विज्ञानं से है /जो सिमित साधन युक्त है/ जिस तरह क्रोध के समय प्यार और प्यार के समय क्रोध नहीं किया जा सकता ठीक उसी तरह कुछ पुस्तके पढ़ कर ज्योतिष नहीं पाया जा सकता / जिन लोगो ने पाराशरी पढ़ी हो वो जानते होने चाहिए की पुरानी पाराशरी में नारद जी के कहने पर'' देव भूत्वा देव यजेत '' सिद्धांत अपनाते हुए पराशर ऋषि ने गौरी मंत्र को साधने की सलाह दी क्योकि मंत्रो में त्रान की शक्ति है और त्रान से ना केवल शारीर बल्कि आत्म शुद्धि भी होती है / जिसकी आत्म शुद्धि होगी वो ही ज्योतिष को समझे गा ताकि इसकी शक्ति का सही इस्तेमाल किया जा सके / विज्ञानं स्थूल अध्यन करता है ,उसके साधन भी स्थूल है /यह यान भेज कर पिंड के दर्शन कर सकता है परन्तु वो हजारो वर्ष पहले ही ऋषियों ने जैसा कहा उसी तरह मंगल लाल , शुक्र सफ़ेद , बुद्ध हरा ,और गुरु पिला पिंड क्यों निकला / जब की तब दूरबीन की तो कोई सोच भी नहीं सकता था जब ये बाते ऋषियों ने बताई थी / स्थूल क्रिया के पक्ष में ढेरो प्रमाण ईकद्दे किये जा सकते है परन्तु जो सूक्ष्म है वो मनो भावो में तो आ सकता है परन्तु स्थूल अभिव्यक्ति तो भुक्त प्राणी ही अपनी वाणी से दे सकता है लिहाजा ज्योतिष को विज्ञानं बताकर देवताओ की क्रियापद्धति को व्यक्त करने वाली समझ की अनुभूति को जूठा ना करे /शेष फिर / थैंक्स/