Sunday, October 18, 2009

क्या काल का पहिया रूक जाएगा !


दोस्तों, 
पता नहीं  कब से मगर जो एक चर्चा पिछले दिनों से जोर पकड़ती जा रही है वो है'' माया सभ्यता ''द्बारा रचा गया वो कैलेंडर है जिसमे इकीस दिसम्बर सन दो हजार बारह के बाद काल गणना समाप्त हो जाती है यानी दूसरे शब्दों में वो समय आ पहुंचा है जब २१ दिसम्बर को आकाश लाल होगा और आग बरसे गी , पृथ्वी पर चौतरफा हमला होगा / भूकंप , जलजला , आंधी और आग बरसे गी जिसके नतीजे के तौर पर दुनिया में कुछ भी नहीं बचेगा /
आप ही क्यों मै भी सुन पढ़ कर परेशां हो उठा लिहाजा खोज बिन शुरू हो गयी मैंने २१ दिसम्बर २०१२ की सूर्योदय कालीन और संध्या काल की दो कुण्डलिया तैयार कर उस दिन की ग्रह स्थिति का गहन चिंतन किया / क्या काल का पहिया रूक जाएगा १
यह सवाल मैंने दोनों कुन्डालियो में पूछा जवाब मुझे अपेक्षाकृत ही मिला यानी नहीं /
चर्चा और आगे बढे इससे पहले एक एसे तथ्य को मै दोहराना चाहता हूँ जो सारी दुनिया जानती है की दुनिया में ज्योतिष के ज्ञान में भारत से बाहर १० प्रतिशत भी नहीं और जो भी कुछ है वो इतना प्रभावकारी नहीं की भारत के ज्योतिषीय ज्ञान से बढ़कर कोई प्रलय जैसी भयानक आपदा की भविश्यवाणी कर सके / ज्योतिष का ज्ञान हमारे ऋषियों मुनियों ने दैनिक जीवन की प्रत्येक छोटी बड़ी गतिविधियों में बसा दी हुई है उदहारण के लिए जब हम बड़ी छोटी कोई भी पूजा करवाते है तो पंडित पूजा के लिए 'संकल्प' पाठ करता है - ॐ विष्णु विष्णु ....श्री मदभगवतो महापुर्शस्य विष्णोरागया प्रवर्तमानस्य ब्रह्मणों द्वितीय प्रह्राधे श्री श्वेत वाराह कल्पे सप्तमे वैवस्वत मन्वन्तरे अष्टा विन्शतित्मे कलियुगे कलि प्रथम चरणे ......../ ध्यान दे की श्लोक में काल की गणना की जा रही है की यह कलयुग का प्रथम चरण चल रहा है और सम्पुरण कलयुग चार चरणों में पूरा होगा /कलयुग का पूरा मान ४३२००० वर्ष है /जिसका चौथा हिस्सा १०८०० हुआ और अभी वो भी पूरा नहीं हुआ फिर भला महा विनाश का क्या तुक /
२१ दिसम्बर २०१२ रोज शुक्र वार को दिल्ली में सूर्योदय सुबह ०७ बजकर १४ मिनिट पर होगा /उस समय धनु लग्न उदित रहे गा /सूर्य धनु में , चन्द्र मीन में , मंगल मकर में , शनि तुला में, गुरु और केतु वृषभ में , शुक्र बुध और राहू ब्रिश्चिक में होंगे / मेरे चिंतन मनन अनुसार यह एक आम दिनों जैसी एक आम ग्रह स्थिति मालूम देती है / यधपि मेरे पास पिछले ५५ वर्षो में देश में और विदेश में आने वाले सभी बड़े भूकम्पों का ज्योतिषीय ब्योरा उपलब्ध है परन्तु उन उपलब्ध ब्योरो से २१ दिसम्बर २०१२ की ग्रह स्थिति का कोई नाम मात्र भी मिलान नहीं बैठता /


मै अब अधिकार पुर्बक घोषणा करना चाहता हूँ की माया सभ्यता द्वारा की गयी भविष्यवाणी कोरी बकवास से अधिक कुछ नहीं /थैंक्स/