Sunday, November 1, 2009

जी हाँ , मै वसुंधरा राजे सिंधिया की ही बात कर रहा हूँ !



दोस्तों,
राजस्थान की बीर उर्वरा भूमि ने भारत वर्ष को अनगिनत वीर सपूत दिए है जिन्होंने सबसे बढ़ चढ़ कर ना केवल देश के लिए प्राण न्योछावर किये बल्कि शीर्ष स्तर पर पहुँच कर पुख्ता नेतृत्व भी इतिहास में दर्ज कराने लायक दिया है /   आधुनिक भारत के नव निर्माण में बलराम जाखड , जगन्नाथ पहाडिया, महारानी सिंधिया, राजेश पायलट, और ना जाने क्या क्या नाम असंख्य नाम है जो ब्यान करपाना श्रमसाध्य कार्य है हम आप थक जायेंगे पर नाम नहीं /
आधुनिक राजनीतिकारो में एक सितारा एसा है जो मानलिया गया है की अस्त हो चूका है , जिसे उसकी पार्टी ने हासिये पर डालने में अपने तहे तक की कोई कोर कसर बांकी नहीं छोड़ी है परन्तु वो हस्ती कुछ एसी मिटटी की बनी है की मिटती नहीं /
जी हाँ , मै वसुंधरा राजे सिंधिया की ही बात कर रहा हूँ !
वसुंधरा राजे  को पिछले लोक सभा और विधान सभा दोनों चुनाव में राजस्थान की जनता में अंगूठा दिखा दिया था / उससे भी ज्यादा उनकी पार्टी भारतीय जनता पार्टी ने बुरा सलूक विधान सभा के नेता विपक्ष के पद से हटा कर पूरा किया / सिंधिया ने इस्तीफा तो दिया परन्तु दिल्ली में बैठे आला कमानों को खून के आंसू रूल्वा कर दिया जो सिंधिया के अदम्य साहस और राजनितिक गुय्ह ज्ञान का ही सुविचारित परिणाम था /
 राजस्थान की यह पहली महिला मुख्य मंत्री सन 1953 में अगस्त महीने में मुंबई में मिथुन लग्न में पैदा हुई और 1982 में राजनीती में प्रवेश किया था जब की शुक्र की महादशा चल रही थी / जब चन्द्र की दशा चल रही थी तो 08-12-2003 को वो मुख्य मंत्री बनी /  इसी दशा में ही जनता ने उन्हें पदचुयुत भी कर दिया /
श्रीमति सिंधिया का भविष्य अत्यंत उज्जवल है / ज्यादा समय तक पार्टी उन्हें दरकिनार नहीं रख सकती / वो खोलता ज्वालामुखी है जो कभी भी फट सकता है वो किसी पार्टी की मुहताज नहीं है यह तथ्य भारतीय जनता पार्टी के केन्द्रीय नेता जीतनी जल्दी समझ ले फादेमंद रहे गा/  ०2-०1-2010 से सिंधिया के सितारे नई करवट बदलेंगे जो सिंधिया की राजनीतिक ज्ञान का हिमालयन आकार साबित करेगा / अशोक गहलोत किसी मुगालते में ना रहे श्रीमती सिंधिया ०2-०7-2010 के बाद गुजरते वक्त के साथ नई विकट चुनौती बनकर उनके किये धरे पर पानी फेर देगी /
आगामी आठ वर्षो में श्रीमती सिंधिया अदम्य राजनितिक साहस के लिए जानी जाएँगी !!!
थैंक्स/